विश्व पर्यावरण दिवस 2025 – क्यों है खास और हम क्या कर सकते हैं?
हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे रोज़मर्रा के चुनावों पर सवाल उठाता है। भारत में स्कूल, कॉलेज और ऑफिस‑ऑफ़िस सभी इस दिन विशेष कार्यक्रम करते हैं—पेड़ लगाना, क्लीन‑अप ड्राइव या जल बचत की चुनौती। अगर आप सोच रहे हैं कि इस दिन कुछ बड़ा करना जरूरी नहीं, तो फिर भी छोटे‑छोटे कदम आपके आस‑पास के माहौल को बदल सकते हैं।
मुख्य कारण और भारत में खास पहलें
पर्यावरण दिवस का मूल मकसद है जलवायु परिवर्तन की चेतावनी देना और लोगों को सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना। भारत ने इस साल ‘हरियाली 2030’ अभियान शुरू किया है, जिसमें हर गाँव में कम से कम एक छोटा बाग़ लगाना शामिल है। कई शहरों ने सिंगल‑यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध बढ़ाया और सार्वजनिक स्थानों में रीसायक्लिंग बिन की संख्या दोगुनी कर दी। ये कदम दिखाते हैं कि सरकार के साथ मिलकर आम जनता भी बड़े बदलाव का हिस्सा बन सकती है।
आपके लिए आसान 5 हरित टिप्स
1. प्लास्टिक को अलविदा कहें: बाजार से थोक में कपड़े या स्टेनलेस के बैग खरीदें, और पानी की बोतल को पुन: उपयोग योग्य बनाएं।
2. ऊर्जा बचाएँ: अनावश्यक लाइट बंद रखें, एसी की सेटिंग 24 डिग्री पर रखें, और सौर पैनल वाले उपकरणों को प्राथमिकता दें।
3. पानी बचत करें: टपकते नल को ठीक करवाएं, शावर के समय को 5 मिनट से कम रखें और बारिश का जल संग्रहण सेटअप पर विचार करें।
4. हरियाली बढ़ाएँ: बालकनी या खिड़की पर छोटे गमले में तुलसी, पुदीना या मिर्च जैसे पौधे लगाएं—इनसे हवा शुद्ध होगी और रसोई में सुगंध भी मिलेगी।
5. रिसायक्लिंग को आदत बनाएँ: घर में कागज, प्लास्टिक और धातु के लिए अलग-अलग बिन रखें, और स्थानीय रीसायक्लिंग केंद्र तक नियमित रूप से ले जाएँ।
इन छोटे‑छोटे बदलावों को रोज़मर्रा की जिंदगी में जोड़ने से न सिर्फ आपका बिल कम होगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिये साफ हवा भी मिल सकेगी। याद रखिए, हरियाली का असर तुरंत नहीं दिखता—पर लगातार प्रयास करने पर 6 महीने बाद ही अंतर महसूस होने लगता है।
अगर आप अपने स्कूल या ऑफिस में इस दिन कोई कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं, तो एक आसान ‘प्लास्टिक फ्री डे’ रखें। सभी को कपड़े के थैले लाने की याद दिलाएँ और कैंटीन में कचरा कम करने का चैलेंज सेट करें। स्थानीय NGOs से संपर्क करके पेड़ लगाने की योजना भी बना सकते हैं—बहुतेरे समूह अपने समय पर मुफ्त में मदद करेंगे।
अंत में, यह याद रखें कि विश्व पर्यावरण दिवस एक बार नहीं, बल्कि हर दिन के लिए प्रेरणा देता है। छोटे कदम मिलकर बड़े परिवर्तन बनाते हैं, और यही बात हमारे भविष्य को सुरक्षित रखेगी। तो इस 5 जून, अपने आप से पूछें—मैं आज क्या कर सकता हूँ?