ग्रीष्म संक्रांति – क्या है, क्यों मनाते हैं?
हर साल जब सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है तो भारत में ग्रीष्म संक्रांति का त्योहार आता है। इस दिन सुबह की लंबी रोशनी और शाम के छोटे समय को लोग खास समझते हैं क्योंकि यह गर्मियों की शुरुआत दर्शाता है।
इतिहास और वैज्ञानिक पहलू
प्राचीन काल में सूर्य को देवता माना जाता था, इसलिए उसकी गति पर विशेष ध्यान दिया जाता था। ग्रीष्म संक्रांति वह क्षण है जब पृथ्वी का अक्षांश सूर्य के सबसे ऊपर हो जाता है, जिससे दिन की रोशनी बढ़ती है। विज्ञान कहता है कि इस समय भारत में तापमान धीरे‑धीरे बढ़ना शुरू होता है, इसलिए किसान नई फसल की तैयारी करते हैं।
देश भर में रिवाज़ और उत्सव
पंजाब में लोग ‘रोटी‑चुरमुरा’ बनाकर गाने‑गाते हैं, जबकि महाराष्ट्र में तुळस के पत्ते और नारियल से घर को सजाते हैं। कर्नाटक में विशेष रूप से ‘जैस्मिन की महक’ वाले फूलों को जलाया जाता है, जिससे वातावरण शीतल लगता है। उत्तर भारत में सूर्योदय पर स्नान कर पवित्र माना जाता है; दक्षिण में कई लोग तिल के लड्डू बनाते हैं और उन्हें परिवार में बाँटते हैं।
भोजन की बात करें तो ग्रीष्म संक्रांति पर ठंडे व्यंजन जैसे फल, दही‑बच्चा, जलेबी‑पानी आदि बहुत लोकप्रिय होते हैं। ये चीज़ें शरीर को हाइड्रेटेड रखती हैं और गर्मी से बचाव में मदद करती हैं। यदि आप घर में कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो कद्दू की हलवा या खीर बनाकर देखिए, दोनों ही मौसम के हिसाब से बेहतरीन विकल्प हैं।
पर्यटकों के लिए इस दिन खास यात्रा का अवसर है। हिमाचल में पहाड़ों पर सूर्योदय देखना, राजस्थान में रेगिस्तान के किनारे धूप की रौशनी का आनंद लेना या बंगाल में नदी किनारे पिकनिक मनाना—इनमें से कोई भी योजना आपके ग्रीष्म संक्रांति को यादगार बना देगी।
यदि आप स्वास्थ्य पर फोकस करना चाहते हैं, तो इस दिन हल्की योगा सत्र या प्राणायाम कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार विशेष रूप से उपयुक्त है क्योंकि यह शरीर को गर्मी में भी ठंडा रखता है और ऊर्जा बढ़ाता है। साथ ही पानी की मात्रा बढ़ाकर हाइड्रेशन पर ध्यान देना न भूलें।
अंत में, ग्रीष्म संक्रांति सिर्फ एक मौसम परिवर्तन नहीं, बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव का मौका है। आप अपने परिवार या दोस्तों को बुला कर छोटे‑छोटे खेल, गीत और खाना-पीना साझा कर सकते हैं। इस तरह से त्योहार की खुशी कई गुना बढ़ जाती है और यादें बनती हैं।
तो इस वर्ष ग्रीष्म संक्रांति पर अपनी रोज़मर्रा की रूटीन में थोड़ा बदलाव लाएँ—चाहे वह नया व्यंजन हो, कोई छोटी यात्रा या साधारण प्राणायाम सत्र। आप देखेंगे कि यह दिन आपके जीवन में ताजगी और ऊर्जा लेकर आएगा।