आंख का ऑपरेशन क्या है? – सरल जवाब
अगर आपकी आँखों में धुंधलापन या दर्द लगातार रहता है, तो डॉक्टर अक्सर ऑपरेशन की सलाह देते हैं। यह सर्जरी सिर्फ दवाओं से ठीक न होने वाले मामलों में मदद करती है और कई बार दृष्टि पूरी तरह सुधर जाती है.
कौन से केस में ऑपरेशन जरूरी?
सबसे आम कारण हैं मोतियाबिंद (cataract) और रेफ्रैक्टिव एरर जैसे नज़र घटना (myopia, hyperopia). अगर लेंस बदलने या रिफ्रेक्टिव सर्जरी (LASIK, PRK) से आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी आसान हो सकती है, तो डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देंगे. कभी‑कभी रीटिना डिटैचमेंट या ग्लॉकोमा जैसी गंभीर बीमारियों में भी तुरंत सर्जरी आवश्यक होती है.
ऑपरेशन से पहले क्या तैयारियां करनी चाहिए?
पहला कदम है पूरी जांच कराना – ब्लड टेस्ट, आई प्रेशर और अल्ट्रासोनिक स्कैन. डॉक्टर आपको कुछ दवाएँ या आँखों की ड्रॉप्स दे सकते हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम हो. ऑपरेशन के एक हफ़्ते पहले शराब, धूम्रपान और भारी व्यायाम से बचें; ये रक्तसंचार को प्रभावित कर सकते हैं.
यदि आपको कोई एलर्जी या दवा की प्रतिक्रिया रही है तो उसे डॉक्टर को बताएं। अक्सर सर्जरी के दिन आँखों में नॉन‑स्टेराइल ड्रॉप्स डालकर स्थानीय एनेस्थीसिया दिया जाता है, इसलिए आप जागते रहेंगे लेकिन दर्द नहीं महसूस करेंगे.
ऑपरेशन के बाद देखभाल कैसे रखें?
सर्जरी के बाद पहली 24 घंटे में आँखों को धुंधला या हल्का दर्द लग सकता है। डॉक्टर आमतौर पर एंटी‑बायोटिक ड्रॉप्स और सूजन कम करने वाली दवाएँ लिखते हैं. इन्हें समय पर लेना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो संक्रमण का जोखिम बढ़ता है.
पहले दो हफ्ते तक तेज़ रोशनी, टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहें। धूप में बाहर निकलते समय सन्सिंग ग्लासेस पहनें; यह यूवी किरणों से बचाव करता है और लेंस की स्थिरता बनाए रखता है. नींद के दौरान हल्के तौलिये से आँख को ढककर रखें, ताकि झड़ने या खरोंच से बचा जा सके.
यदि पानी का छिड़का हुआ या धूल वाली जगह में काम करना पड़े, तो डॉक्टर की अनुमति के बाद ही जाएँ. सर्जरी वाले दिन हल्का भोजन करें और भारी चीजें जैसे तले हुए सामान से परहेज़ रखें; इससे रक्तचाप स्थिर रहता है.
अधिकतर लोग दो हफ़्ते में सामान्य जीवन वापस पा लेते हैं, लेकिन कुछ मामलों में फॉलो‑अप विज़िट ज़रूरी होती है. डॉक्टर की सलाह के अनुसार रीटिनाल या लेंस की स्थिति को चेक कराते रहें; यह दीर्घकालिक सुरक्षा का हिस्सा है.
संक्षेप में, अगर आपकी आँखें लगातार समस्याएं दे रही हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है, तो ऑपरेशन एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है. सही जांच, तैयारी और पोस्ट‑ऑप देखभाल से आप बिना जटिलताओं के स्पष्ट दृष्टि वापस पा सकते हैं.