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जब प्रो कबड्डी लीग 2025 (PKL 12) ने 29 अगस्त, 2025 को उद्घाटन मैचविष्णवनध स्पोर्ट्स क्लब, विज़ाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में आयोजित किया, तो पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ गई। इस मैच में तमिल थलाइवास ने अपने पड़ोसी प्रतिद्वंद्वी टेलुगु टाइटन्स को 38‑35 से मात दी, और दर्शकों को तालियों की गड़गड़ाहट से झकझोर दिया। राष्ट्रीय खेल दिवस के साथ इस इवेंट का मिलना, खेल प्रेमियों के लिए दोहरा तोहफा साबित हुआ।
Neha xo
अक्तूबर 3, 2025 AT 18:01वाकई PKL का ये उद्घाटन मैच बहुत ऊर्जा से भरपूर था। तमिल थलाइवास की तेज़ी और टाइटन्स की पकड़ दोनों ही काबिले तारीफ़ थे। खेल दिवस के साथ इसे देखना दोहरी खुशी दे रहा है। आशा है आगे के मैच भी इतने ही रोमांचक होंगे।
Rahul Jha
अक्तूबर 13, 2025 AT 00:14PKL का पहला मैच धमाल है 🙌🏏🔥
Gauri Sheth
अक्तूबर 21, 2025 AT 02:41ये मैच देखके दिल बड़ी खुशी से भर गया। पर सच्चाई ये है कि कबड्डी की असली भावना तो नज़रिये में है, ना कि सिर्फ स्कोर में। टेलुगु टाइटन्स को हारना उनके लिए सिखावन हो सकता है। कभी कभी हार में भी सीख छुपी रहती है। अगला मैच देखना असबाब है।
om biswas
अक्तूबर 28, 2025 AT 00:21वो तमिल थलाइवास की जीत का जश्न क्यों बना रहे हो? असली क्रिकेट है, कबड्डी नहीं, तुम लोग किसके लिए पिचा रहे हो। नैशनल डिसिप्लिन को समझो।
sumi vinay
नवंबर 2, 2025 AT 19:14बधाई हो तमिल थलाइवास को! ऐसी जीत से पूरे दक्षिणी भारत में उत्साह जागेगा। आगे भी ऐसे ही जोश से खेलते रहो।
Anjali Das
नवंबर 7, 2025 AT 10:21टेलुगु टाइटन्स की हार बिल्कुल निराशाजनक है ;)
Dipti Namjoshi
नवंबर 10, 2025 AT 21:41कबड्डी सिर्फ खेल नहीं, यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। इस जीत से दोनों राज्यों के बीच और अधिक संवाद की संभावनाएँ खुलेंगी। हमें इस ऊर्जा को सामाजिक सहयोग में बदलना चाहिए। इस तरह के इवेंट्स सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
Prince Raj
नवंबर 13, 2025 AT 19:07PKL के इनिशियल मैच में टैक्टिकल स्ट्रेटेजी का परफेक्ट इम्प्लीमेंटेशन दिखा। तमिल थलाइवास ने एंगेजमेंट रेट को 92% तक बढ़ाया जबकि टाइटन्स ने 68% पर स्टेबल रहे। ये डेटा स्टैट्स फ्यूचर स्काउटिंग में मदद करेगा। शॉर्ट टर्म परफॉर्मेंस भी इम्प्रूव होगा।
Gopal Jaat
नवंबर 16, 2025 AT 02:41यह उद्घाटन मैच निःसंदेह इतिहास की एक नई धारा है। दर्शकों की ध्वनि और खिलाड़ियों की उत्सुकता ने माहौल को संजीवनी दिया। यह खेल दिवस को एक विशेष स्थान प्रदान करता है।
UJJAl GORAI
नवंबर 17, 2025 AT 20:21आह, क्या बात है! राष्ट्रीय खेल दिवस पर कबड्डी को प्लेटफ़ॉर्म देना बिल्कुल बेतुका नहीं। लेकिन फिर भी दर्शकों ने खूब मज़ा लिया, वाकई। कभी‑कभी साधारण खेल भी अनपेक्षित रूप से दिलचस्प बन जाते हैं। असली सवाल यही है कि क्या अगला मैच इतना ही "अद्भुत" रहेगा।
Satpal Singh
नवंबर 19, 2025 AT 05:41PKL के इस उद्घाटन से भारत में कबड्डी की लोकप्रियता में वृद्धि होगी। दोनों टीमों ने खेल भावना को बढ़ावा दिया। भविष्य में और भी प्रतिस्पर्धी मैचों की उम्मीद है।
Devendra Pandey
नवंबर 20, 2025 AT 09:27खेल की सच्ची जीत तो दर्शकों के मन में होती है, स्कोर नहीं।
manoj jadhav
नवंबर 21, 2025 AT 07:07PKL का यह उद्घाटन, ना केवल एक खेल इवेंट था, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी था, यह बात स्पष्ट है, हम सभी को इस तरह के आयोजनों का समर्थन करना चाहिए, ताकि विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ और सहयोग बढ़े।
saurav kumar
नवंबर 21, 2025 AT 23:47खेल का असली मज़ा यही है।
Ashish Kumar
नवंबर 22, 2025 AT 13:41राष्ट्रीय खेल दिवस को इस तरह के भव्य इवेंट से मनाना एक अद्भुत पहल है, परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इन प्रतियोगिताओं के पीछे गहरी सामाजिक जिम्मेदारी छिपी होती है। पहला, यह खेल राष्ट्रीय एकता को दृढ़ करने का साधन बनता है, और दूसरा, यह युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की राह दिखाता है। हालांकि, जब हम टेलुगु टाइटन्स की हार को मात्र एक रैंकिंग की गिरावट समझते हैं, तो हम खेल की वास्तविक भावना को खो देते हैं। हमें यह सोचना चाहिए कि क्या जीत केवल अंक से मापी जा सकती है, या यह नैतिक मूल्यों, टीम वर्क और आध्यात्मिक अनुशासन से भी जुड़ी है। इस उद्घाटन में स्पष्ट था कि तमिल थलाइवास ने न केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि रणनीतिक दृढ़ता भी दिखायी। दूसरी ओर, टाइटन्स ने भी कई क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन खोखला मनोबल उन्हें पीछे धकेल गया। यहाँ से एक सीख मिलती है कि खेल में केवल फ़िज़िकल ट्रैनिंग नहीं, बल्कि मानसिक सुदृढ़ता भी आवश्यक है। हमें युवा पीढ़ी को यह बताना चाहिए कि असफलता में भी विकास की संभावनाएँ होती हैं। फिर भी, मीडिया को अक्सर ऐसे मैचों को केवल sensational बनाकर पेश करना पड़ता है, जिससे दर्शकों की समझ सीमित रह जाती है। यही कारण है कि हमें शिक्षा के स्तर को बढ़ाना चाहिए, ताकि लोग खेल के वास्तविक अर्थ को समझ सकें। इस प्रकार, राष्ट्रीय खेल दिवस पर इस तरह का आयोजन सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। लेकिन, यदि हम केवल जीत की सुनहरी कहानी सुनते रहें, तो हम विफलता के मूल्य को नज़रअंदाज़ कर देंगे। यह भी आवश्यक है कि इस तरह के बड़े इवेंट्स में सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सर्वोपरि रखा जाए, क्योंकि खिलाड़ियों की कल्याण ही सबसे बड़ी जीत है। अंत में, आशा है कि भविष्य में PKL और इसी तरह के लीग्स में समावेशी नीति अपनाई जाएगी, जिससे सभी क्षेत्रों के खिलाड़ी समान अवसर प्राप्त कर सकें। यह केवल खेल नहीं, बल्कि एक सामाजिक मिशन बन जाएगा, जो राष्ट्र की प्रगति में अद्वितीय योगदान देगा।