- 7
श्यामलान की नई थ्रिलर 'ट्रैप' का समीक्षा
एम. नाइट श्यामलान, जिन्होंने हमेशा से दर्शकों को अप्रत्याशित मोड़ के माध्यम से प्रभावित किया है, अब अपनी नई फिल्म *ट्रैप* के साथ एक और रोमांचक कहानी लेकर आए हैं। यह फिल्म एक तनावपूर्ण माहौल प्रस्तुत करती है, लेकिन कुछ खामियों के बावजूद यह दर्शकों को बांध कर रखती है। ट्रैप' श्यामलान की बाद के कैरियर का एक हिस्सा है जिसे वे 'ट्विस्ट लाइट' कहते हैं। इसमें वे तीसरे एक्ट में ऐसी नई जानकारी पेश करते हैं जो स्वाभाविक तो लगती है लेकिन उतनी चौंकाने वाली नहीं होती।
फिल्म की कहानी Coopper के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे जोश हार्टनेट ने निभाया है। वह एक समर्पित पिता है, जो अपनी बेटी Riley को पॉप स्टार लेडी रेवेन का कॉन्सर्ट दिखाने ले जाता है। लेडी रेवेन का किरदार श्यामलान की बेटी सलेका ने निभाया है। इस पेचीदा कथानक में जब यह पता चलता है कि एक सीरियल किलर 'द बुचर' भी उसी कॉन्सर्ट में मौजूद है, तब फिल्म की कहानी थ्रिलर मोड़ में परिवर्तित हो जाती है। फिल्म की शुरुआत में बेहतरीन तनाव पैदा होता है, लेकिन तीसरे एक्ट में यह थोड़ी फीकी पड़ जाती है और शुरुआती सस्पेंस खो जाता है।
जहां जोश हार्टनेट का प्रदर्शन प्रशंसनीय है, वहीं सलेका श्यामलान का गायिका का किरदार पूरी तरह से भव्यता और अभिनय की गहराई नहीं ला पाता। उनके किरदार में वह आकर्षण और गंभीरता की कमी महसूस होती है, जो एक पॉप स्टार में होती है। इसके अलावा, फिल्म में किड कुदी का भी एक विशेष और फ्लैम्बॉयंट किरदार है।
कहानी और प्रदर्शन पर नजर
फिल्म की कहानी और उसके किरदारों के प्रदर्शन में कुछ खामियां हो सकती हैं, लेकिन *ट्रैप* एक सशक्त और मजेदार थ्रिलर है। श्यामलान का यह कदम,जिन स्थूल कथानकों और बड़े प्लॉट ट्विस्ट से हट कर, कहानी को अपनी खुद की नींव पर खड़ा करने का है। फिल्म का कॉन्सेप्ट, जो हॉरर और थ्रिलर तत्वों को एक कॉन्सर्ट के अनुभव के साथ मिलाता है, वास्तव में अनोखा और आकर्षक है।
Coopper का किरदार एक पिता के रूप में इस फिल्म का मजबूत बिन्दु है, और दर्शकों को फादरहुड और विश्वास खोने के डर जैसे। बड़ी थीम्स से जोड़ता है जो फिल् का एक मुख्य उद्देश्य है।
इस कहानी की सरलता और श्यामलान की खुद एक खराब पिता बनने के भय को प्रदर्शित करने की क्षमता फिल्म की ताकत बनती है। उन्होंने फिर से यह सिद्ध किया है कि एक अच्छे कहानीकार कैसे वाया जाता है।
jijo joseph
अगस्त 4, 2024 AT 05:38श्यामलान का ट्रैप एक बहुत ही सूक्ष्म रचना है, जिसमें थ्रिलर के तत्वों को पॉप कल्चर के साथ इंटीग्रेट किया गया है। ये एक नए तरीके से फैमिली डायनामिक्स को एक हॉरर-थ्रिलर के फ्रेमवर्क में लाया गया है। ट्विस्ट लाइट फेज के तहत, वो अपने कैरेक्टर्स को डेवलप करने के बजाय उनके अंदर के डर को एक्सप्लोर कर रहे हैं। ये बहुत इंटेलिजेंट नरेटिव स्ट्रैटेजी है।
जोश हार्टनेट का परफॉर्मेंस बेहद न्यूयांस्ड है - वो बस एक पिता नहीं, बल्कि एक इंसान है जो अपने बच्चे के लिए खुद को बलिदान करने को तैयार है। लेकिन फिल्म की ताकत ये है कि वो इसे ड्रामा के बजाय साइकोलॉजिकल टेंशन के जरिए दिखाती है।
Manvika Gupta
अगस्त 4, 2024 AT 08:47सलेका का किरदार मुझे बिल्कुल नहीं लगा बिल्कुल बोरिंग लगा बस बोरिंग
leo kaesar
अगस्त 5, 2024 AT 11:32ये फिल्म बस एक और श्यामलान फैक्टरी प्रोडक्ट है जिसमें ट्विस्ट लाइट का नाम लगाकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है। तीसरे एक्ट में जो भी हुआ वो बिल्कुल फोर्स्ड लगा। और जोश हार्टनेट ने जो किया वो कोई नया नहीं - ये बस एक रिहैश है उनके अपने फिल्मों का।
Ajay Chauhan
अगस्त 6, 2024 AT 11:59ये फिल्म किसी को भी नहीं बांध सकती। बस श्यामलान के फैंस इसे बड़े दिल से पसंद कर रहे हैं। असली थ्रिलर में तो दर्शक अपने दिमाग से अनुमान लगाता है, यहां तो बस बात बता दी गई। और लेडी रेवेन? बस एक फोटो शूट थी।
Taran Arora
अगस्त 7, 2024 AT 02:56भाई ये फिल्म हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। एक इंडियन पिता की कहानी जो एक बॉलीवुड स्टार के कॉन्सर्ट में फंस जाती है - ये तो बिल्कुल हमारी जिंदगी से जुड़ा हुआ है। श्यामलान ने ये सब कुछ एक बहुत ही बड़े दिल से किया है।
हमारे यहां किसी के बेटे को एक कॉन्सर्ट ले जाना तो बहुत बड़ी बात है। ये फिल्म उसी डर, उसी उम्मीद, उसी भावना को दर्शाती है।
और सलेका? वो बस अपने अंदर की आवाज़ को निकाल रही थी। उसकी आवाज़ में जो बेचैनी है, वो एक पॉप स्टार की असली आत्मा है।
ये फिल्म नहीं देखने वाले लोग अपना एक अहम अनुभव खो रहे हैं।
Atul Panchal
अगस्त 7, 2024 AT 18:10ये फिल्म बस एक वेस्टर्न इम्पीरियलिस्ट कल्चर का एक्सपोर्ट है। हमारे देश में कोई भी पिता अपनी बेटी को एक बॉलीवुड स्टार के कॉन्सर्ट में ले जाने के बजाय उसे मंदिर ले जाएगा। श्यामलान की ये फिल्म बस एक बेवकूफ बात है।
और ये जो लेडी रेवेन है, ये तो बस एक वेस्टर्न फेमिनिस्ट की नकल है। हमारी भारतीय महिलाएं इतनी अहंकारी नहीं होतीं।
Shubh Sawant
अगस्त 8, 2024 AT 18:04अरे भाई तुम सब इतना ज्यादा सोच रहे हो? ये फिल्म तो बस एक बेहतरीन थ्रिलर है। श्यामलान के बाद की फिल्में बिल्कुल नहीं बर्बाद हुईं। ट्रैप में जो ट्विस्ट है वो तो बस एक बार देखोगे तो दिमाग हिल जाएगा। और सलेका? वो तो बहुत अच्छी है - उसकी आवाज़ में वो बेचैनी है जो किसी भी असली स्टार के अंदर होती है।
ये फिल्म हमारे यहां भी बहुत चलेगी। अगर तुमने नहीं देखी तो अभी जाकर देख लो।