नवरात्री 2025 – तिथियाँ, पूजा‑पाठ और उत्सव का संक्षिप्त गाइड
हर साल शरद के मौसम में नवरात्री आती है और घर-घर में खुशी की लहर दौड़ जाती है। अगर आप पहली बार या फिर से पूरी जानकारी चाहते हैं तो यह लेख आपके काम आएगा। यहाँ हम तिथियों, व्रत, पूजा और खाने‑पीने की चीज़ों को आसान भाषा में समझाएंगे।
नवरात्री के मुख्य रीतियाँ
पहला दिन ‘प्रथम नक्षत्र’ से शुरू होता है, जो इस साल 1 अक्टूबर को पड़ता है। प्रत्येक रात अलग‑अलग देवी का पूजन किया जाता है – माँ शैलपुत्री, ब्रह्मणी, कुमारी, आदि। लोग घर में या मंदिर में दीप जलाते हैं, धूप और चंदन लगाते हैं और मंत्र जपते हैं।
व्रत रखने वाले सुबह सादा भोजन करते हैं, जैसे फल, दही, शकरा (साबूदाना) खिचड़ी और नारियल पानी। शाम को ‘गरबा’ या ‘डांडिया’ नाच के साथ उत्सव बढ़ता है। ये नृत्य सिर्फ मज़े के लिए नहीं, बल्कि देवी को खुश करने का एक तरीका माना जाता है।
आधुनिक समय में नवरात्री कैसे मनाएँ
आजकल लोग सोशल मीडिया पर अपने गरबा वीडियो शेयर करते हैं और ऑनलाइन पूजा भी कराते हैं। अगर आपके पास समय नहीं है तो आप लाइव प्रसारण देख सकते हैं या मोबाइल ऐप से मंत्र सुन सकते हैं। लेकिन चाहे डिजिटल हो या पारंपरिक, सच्ची भावना वही रखनी चाहिए – माँ की आराधना और परिवार के साथ मिलकर खुशियों को बाँटना।
भोजन में कुछ नई चीज़ें जोड़ने का भी चलन है। आप बटाटा वडा, पुदीने वाली लस्सी या जलेबी‑जैसे मीठे पकवान बना सकते हैं। ये स्वादिष्ट व्यंजन न केवल व्रत को तोड़ते नहीं बल्कि मेहमानों को भी खुश कर देते हैं।
अगर आप विदेश में रहते हैं, तो स्थानीय हिंदू मंदिर से संपर्क करके नवरात्री इवेंट की जानकारी ले सकते हैं। अक्सर बड़े शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं जहाँ गरबा और संगीत का आनंद लिया जा सकता है। यह एक अच्छा मौका है नई दोस्ती बनाने और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का।
नवरात्री के दौरान ध्यान, प्रार्थना या योग भी कर सकते हैं। इससे मन शांत रहता है और शरीर में ऊर्जा आती है। पाँच दिनों तक प्रतिदिन 10‑15 मिनट की साधना आपके पूरे सप्ताह को सकारात्मक बना देती है।
अंत में, नवरात्री केवल त्योहारी दिन नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है – साथ रहकर कठिनाइयों का सामना करना और अच्छाई के लिए प्रयास करना। तो इस साल नवरात्री को पूरी दिल से मनाएँ, माँ की पूजा करें और अपने आसपास के लोगों को खुशी बाँटें।