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बिहार की आम जनता के लिए आज बड़ी राहत खबर आई है। भोजन और उपभोक्ता सुरक्षा विभाग, जो कि बिहार सरकार का हिस्सा है, ने घोषणा कर दी है कि अब घरेलू पानीपाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन लेना बहुत ही आसान हो गया है। यही नहीं, सरकार ने निर्देश दिया है कि नए आवेदनों को सिर्फ 7 दिन ही मिलेंगे। पहले इसमें हफ्तों लगते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो गई है।
आज हम सुबह चाय के साथ सुना एक खास न्यूज़ है। वाकई तौर पर, जब दुनिया भर में ईंधन की टेंशन बढ़ रही है, तो सरकार ने खुद को भी बदलने के लिए कदम उठाया है। बिहार फूड अंड कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट द्वारा बुधवार, 25 मार्च 2026 को जारी किए गए आदेशों के अनुसार, अब आपको गैस एजेंसी के दफ्तर तक जाने की जरूरत ही नहीं है। आप अपने मोबाइल या लैपटॉप पर बैठी बेठकर सब कुछ कर सकते हैं।
एलपीजी संकट और इसकी वजह क्या है?
यहाँ बात होती है की जब दुनिया की स्थिति उलझन में हो, तो आम आदमी पर असर होता है। हालिया इरान-इजरायल और अमेरिका को लेकर हुए तनाव ने भारत सहित कई देशों में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पर सीधी चोट पहुंचाई है। एलपीजी आपूर्ति में बाधाभारत नाम की स्थिति सामने आई, जिसने लोगों को जबरदस्ती पीएनजी की ओर धकेला। इसलिए सरकार ने सोचा कि अगर सिलेंडर मंगवाने में दिक्कत होगी, तो पाइपलाइन वाला विकल्प तुरंत अपनाया जाए।
लेकिन रोकने वाले भी काफी थे। लोगों को लग रहा था कि 'काम होगा, फिर फीस होगी'। लेकिन तब तक बात यह थी कि इस नए पोर्टल पर आवेदन देने के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। यानी आपके पास एक मोबाइल फोन हो और आप इंटरनेट चालू रख सकें, बस!
पैसे और कागजों की कहानी
खर्चे के मामले में भी चीजें साफ-सुथरी हैं। ज्यादातर जानकारी बताती है कि सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) ₹4,500 हो सकता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इसे ₹7,000 तक भी लिया जा रहा है। यह थोड़ा-बहुत कंपनी और लोकेशन के हिसाब से बदलता रहता है। इसके अलावा,IOCL की डेटा के मुताबिक, ₹1,150 की एडमिनिस्ट्रेटिव फीस अनिवार्य है जिसे बाद में वापस नहीं किया जाएगा।
कंपनी कागजात मांगेगी, इसलिए अपने पेपर पहले से तैयार रखें।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
- पता प्रमाण: बिजली का बिल, टेलीफोन बिल, रेशन कार्ड या प्लॉट टेक्स।
- किरायेदारों के लिए: अगर आप किराये पर रह रहे हैं, तो मालिक का NOC (No Objection Certificate) और लिखा हुआ किराये का समझौता ज़रूरी है।
- तस्वीर: एक पासपोर्ट साइज फोटो (PDF या JPEG में)।
एक बार जब दस्तावेज़ वेरीफाई हो जाएंगे, तो आपको एक 'BP नंबर' (बिज़नेस पार्टनर नंबर) मिलेगा। यह नंबर आपके लिए बहुत काम का है, भविष्य में बिलिंग और सर्विस दोनों इसके द्वारा जुड़े रहेंगे।
ऑनलाइन प्रक्रिया कैसे काम करती है?
इसे समझना बहुत आसान है। सबसे पहले आपको अपनी लोकल सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर 'Apply Online' का बटन ढूंढें। वहां आपको 'Domestic/Residential PNG' चुनना है। इसके बाद अपने मोबाइल नंबर या पिन कोड डालकर देखें कि क्या आपकी एरिया में पाइपलाइन पहुँची हुई है या नहीं।
यदि पाइपलाइन मौजूद है, तो फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। जैसे ही भुगतान होगा, सिस्टम आपको एक रीफरेंस आईडी दे देगा। इस आईडी से आप तब तक स्टेटस चेक कर सकते हैं जब तक गैस का मीटर आपकी कुकिंग टॉप पर लगे नहीं। इस तरीके से सारी प्रक्रिया पारदर्शी बन गई है, कोई भी ठगी नहीं होने दी जा सकती।
लोगों का क्या रिस्पॉंस है?
अफसरों के मानते हैं कि लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में पीएनजी कनेक्शनों की मांग में भारी उछाल आया है। कंपनियों ने छोटा समय दिया है इसलिए कंट्राक्ट तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जो लोग पहले सिलेंडर के चक्कर में फंसे होते थे, उनको अब लगातार गैस मिलने वाली है। इसमें बर्बादी नहीं होती और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) अधिक पर्यावरण-अनुकूल भी मानी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या आवेदन करने में कोई शुल्क है?
नहीं, आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। आपको किसी आवेदन फॉर्म के लिए पैसे नहीं दिए जाने चाहिए। हालांकि, कनेक्शन के लिए भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट अलग से देना पड़ता है।
क्या किरायेदार भी PNG कनेक्शन ले सकते हैं?
हाँ, किरायेदार भी कनेक्शन ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें मालिक के साथ साइन की गई रेंट एग्रीमेंट और एक NOC (No Objection Certificate) जमा करना अनिवार्य है। अन्यथा आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
कनेक्शन प्राप्त होने में कितना समय लगता है?
बिहार सरकार ने निर्देश दिया है कि नए आवेदनों की मंजूरी अधिकतम 7 दिन में होनी चाहिए। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी इकाई में गैस लाइन पहले से मौजूद है या नहीं।
सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस किया जाता है या नहीं?
सिक्योरिटी डिपॉजिट अक्सर रिफंडेबल होता है जब आप कनेक्शन बंद करते हैं। हालांकि, एडमिनिस्ट्रेटिव फीस (लगभग ₹1150) को रिफंड नहीं किया जाता है, जो कि GST सहित होती है।